Qatar Foreign Ministry Statement ने मिडिल ईस्ट के युद्ध और ईरान की आक्रामकता को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मचा दी है।
हमलों का खौफनाक सच खाड़ी युद्ध के दौरान ईरान ने कतर पर लगातार मिसाइलें और ड्रोन दागे जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया था। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि यह हमले पूरे युद्ध के दौरान बिना रुके जारी रहे थे।
समझौते के दावों का खंडन Qatar Foreign Ministry Statement ने उन सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें ईरान के साथ किसी गुप्त समझौते की बात कही गई थी। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि सीजफायर लागू होने के बाद ही ईरानी हमले रुके।
सीजफायर और कूटनीतिक विफलता अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का युद्धविराम तो हुआ लेकिन पाकिस्तान में हुई 21 घंटे की हाई-लेवल बैठक पूरी तरह विफल रही। Qatar Foreign Ministry Statement यह पुष्ट करता है कि कतर ने लड़ाई के दौरान बार-बार आघात सहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट से बारूदी सुरंगें हटाना शुरू कर दिया है ताकि समुद्री मार्ग सुरक्षित हो सके। हालांकि Qatar Foreign Ministry Statement के बाद खाड़ी देशों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।







